रायबरेली। यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 मार्च से चार केंद्रों पर शुरू होगा। सवा दो लाख से ज्यादा कॉपियाें की जांच के लिए 1,800 परीक्षक तैनात किए गए हैं। प्रयागराज से प्रशिक्षण लेकर आए उप नियंत्रकों ने परीक्षकों को मूल्यांकन का प्रशिक्षण दे दिया है।

मूल्यांकन ड्यूटी में तैनात शिक्षक मोबाइल लेकर केंद्र में प्रवेश नहीं कर पाएंगे। वहीं शिक्षक संघ ने अपनी मांगों को लेकर मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।

महात्मा गांधी इंटर कॉलेज और वैदिक इंटर काॅलेज में हाईस्कूल की कॉपियों का मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। महात्मा गांधी इंटर काॅलेज में 90 हजार कॉपियां जांचने के लिए 42 उप प्रधान परीक्षक एवं 445 परीक्षक तैनात किए गए हैं। जबकि वैदिक इंटर कॉलेज में 83 हजार कॉपियां जांचने की जिम्मेदारी 51 उप प्रधान परीक्षकों एवं 497 परीक्षकों की है।

राजकीय इंटर काॅलेज और राजकीय बालिका इंटर काॅलेज में इंटरमीडिएट की कॉपियों का मूल्यांकन होगा। जीआईसी को लगभग 35 हजार कॉपियां मिल चुकी हैं। इसके मूल्यांकन के लिए 38 उप प्रधान परीक्षकों एवं 362 परीक्षक तैनात हैं। अभी और कॉपियां आने की संभावना है।

शिक्षकों को मोबाइल ले जाने पर रहेगा प्रतिबंध

राजकीय इंटर काॅलेज में उप नियंत्रक डाॅ. महेंद्र सिंह ने सभी परीक्षकों को मूल्यांकन संबंधी दिशा निर्देंशों से अवगत कराया। बताया कि कोई भी परीक्षक मोबाइल लेकर नहीं आएगा। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मूल्यांकन के दौरान कोई भी भी बाहर नहीं जा सकेगा। प्रभारी प्रधानाचार्य सुनील वाजपेयी व डाॅ. हरिओम आदि मौजूद रहे। वैदिक इंटर काॅलेज में उपनियंत्रक श्याम नारायण सिंह ने कहा, सभी परीक्षक समय से उपस्थित रहें।

मांगों को लेकर मूल्यांकन कार्य का करेंगे बहिष्कार

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चंदेल गुट) ने मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। जीआईसी में परीक्षकों के प्रशिक्षण के बाद संगठन की बैठक में लखनऊ मंडल अध्यक्ष राम मोहन सिंह एवं जिलाध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला ने कहा कि आंदोलन में दूसरे शिक्षक संगठन भी सहयोग करेंगे। सात सूत्री मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इनमें पुरानी पेंशन बहाली, तदर्थ शिक्षकों के नियमितीकरण, वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय, माध्यमिक शिक्षकों को चिकित्सीय सुविधा देने, यूपी बोर्ड परीक्षा एवं मूल्यांकन कार्य का परिश्रमिक बढ़ाने, लंबित देयकों के भुगतान समेत अन्य मांगें शामिल हैं। बैठक में जिला मंत्री सोमेश सिंह, कोषाध्यक्ष आशुतोष कुमार मिश्र, संगठन मंत्री विजय शंकर शुक्ला, उपाध्यक्ष सुनील दत्त, संयुक्त मंत्री शिवेंद्र सिंह, सरोज अनिल कुमार, सत्येंद्र कुमार, उमाशंकर त्रिवेदी व सभाजीत यादव आदि उपस्थित रहे।



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